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जोहार जगन्नाथ : छत्तीसगढ़ की आस्था को समर्पित अनोखी आध्यात्मिक पहल का ए.टी. पैलेस से भव्य शुभारंभ

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00 भगवान जगन्नाथ के रथ का हर घर तक पहुँचेगा संदेश, पोस्टर विमोचन के साथ हुई विधिवत शुरुआत
00 श्रद्धालुओं की मनोकामनाएँ पूरी करने, ए.टी. पैलेस में आज विराजेंगे भगवान जगन्नाथ
रायपुर। भगवान जगन्नाथ की पावन रथयात्रा के मांगलिक अवसर पर कोतवाली चौक स्थित अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स (ए.टी. पैलेस) में बुधवार की सुबह आयोजित आध्यात्मिक समारोह में “जोहार जगन्नाथ” पोस्टर का विमोचन एटी ज्वेलर्स के चैयरमैन तिलोकचंद बरड़िया संचालक नितिन बरड़िया,निकेश बरड़िया ने किया। इस अवसर पर उनके साथ एटी ज्वेलर्स के सदस्य गण गणमान्य नागरिक और मीडिया पर्सन उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम में उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए चेयरमैन श्री त्रिलोकचंद बरड़िया ने अपने संक्षिप्त उदबोधन में भगवान जगन्नाथ के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त करते हुए कहा की *“जोहार जगन्नाथ महज़ एक आयोजन नहीं, बल्कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं के हृदय और प्रभु के मध्य एक भावनात्मक एवं आध्यात्मिक सेतु है। यह हमारी सनातन परंपरा और छत्तीसगढ़ी अस्मिता का अभिन्न अंग है।” इस दौरान उन्होंने बताया कि वर्ष 1957 में इसी पावन रथयात्रा के दिन अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स की आधारशिला रखी गई थी। आज यह संयोग अत्यंत अलौकिक लगता है, जब यह संस्थान स्वयं को भगवान की सेवा में समर्पित कर रही है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से इस अभियान में सहभागी बनने की अपील की।
संचालक श्री नितिन बरड़िया ने मनोकामना व्यक्त करने के गहन आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा की “सच्चे मन, निश्छल भाव और पूर्ण श्रद्धा से की गई प्रार्थना ही व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और ईश्वरीय कृपा से जोड़ती है। भगवान के चरणों में अपनी भावनाओं को समर्पित करने की परंपरा भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो जीवन में आशा एवं विश्वास का संचार करती है।”
संचालक श्री निकेश बरड़िया ने इस वर्ष की विशेष पहल के बारे में बताया की एक निजी एफएम रेडियो चैनल के साथ भगवान जगन्नाथ का मनोकामना रथ रायपुर की विभिन्न सोसाइटियों, कॉलोनियों और मोहल्लों में लेकर जाएँगे। वहाँ श्रद्धालुओं की मनोकामनाएँ एकत्रित की जाएँगी और उन्हें श्री जगन्नाथ पुरी धाम से लाया गया पावन महाप्रसाद भी वितरित किया जाएगा। यह अद्वितीय प्रयास है, जिससे हर भक्त को प्रभु से जुड़ने का स्वर्णिम अवसर मिलेगा।”
इस अवसर पर श्री त्रिलोकचंद बरड़िया, श्री नितिन बरड़िया, श्री निकेश बरड़िया के साथ ए.टी. परिवार के सभी सदस्य, गणमान्य नागरिक, धर्माचार्य एवं बुद्धिजीवी उपस्थित रहे। सभी ने इस आध्यात्मिक अभियान को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा देने वाला सार्थक प्रयास बताते हुए इसके व्यापक जनकल्याणकारी संदेश की सराहना की।

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