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कार्तिक माह का अंतिम प्रदोष व्रत कब मनाएं? जानिए महत्व, शुभ मुहूर्त

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रायपुर। प्रदोष व्रत हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण उपवास है, जो हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत विशेष रूप से भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित होता है। प्रदोष व्रत के दौरान व्रति उपवासी रहकर पूजा, उपासना और मंत्र जाप करते हैं, जिससे जीवन में सुख, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है। कार्तिक प्रदोष व्रत का विशेष महत्व होता है। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि कार्तिक माह का आखिरी प्रदोष व्रत कब पडऩे वाला है। कार्तिक महीने का प्रदोष महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि 4 महीने के लिए योग निद्रा में जाने से पहले भगवान विष्णु सृष्टि के संचालन की जिम्मेदारी महादेव को देते हैं। ऐसे में कार्तिक शुक्ल एकादशी पर यह भार महादेव फिर से भगवान विष्णु पर डाल देते हैं। ऐसे में यह पहला और कार्तिक माह का आखिरी प्रदोष व्रत होता है। हिंदू पंचाग की मानें तो कार्तिक माह का आखिरी प्रदोष व्रत 13 नवंबर को मना जाएगा। इसका समापन 14 नवंबर को हो जाएगा। ऐसे में आप प्रदोष व्रत का उपवास बुधवार के दिन रख सकते हैं।
कार्तिक शुक्ल त्रयोदशी का आरंभ: 13 नवंबर दोपहर 01 बजकर 01 मिनट
कार्तिक शुक्ल त्रयोदशी का समापन: 14 नवंबर सुबह 09 बजकर 43 मिनट

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